भारत में Nissan Gravite CNG हुई लॉन्च, 82,999 रुपये में ट्विन-सिलेंडर सेटअप

Nissan gravite CNG

Nissan Gravite की CNG किट की शुरुआती कीमत 82,999 रुपये रखी गई है और यह 16 राज्यों के 60 शहरों में उपलब्ध है

निसान इंडिया ने आज भारतीय बाजार में Gravite के लिए सरकार द्वारा मंजूर CNG रेट्रोफिट किट लॉन्च की है। यह अपने सेगमेंट की पहली 7-सीटर SUV बन गई है, जिसमें दो सिलेंडर वाला CNG सेटअप दिया गया है, लेकिन फिर भी पीछे की तीसरी सीट पूरी तरह इस्तेमाल की जा सकती है।

इस किट की शुरुआती कीमत 82,999 रुपये रखी गई है और यह 16 राज्यों के 60 शहरों में निसान के डीलर नेटवर्क के जरिए उपलब्ध है। इस CNG किट की सबसे बड़ी खासियत इसका ट्विन-सिलेंडर सेटअप है, जिसमें दो 25-लीटर के सिलेंडर दिए गए हैं। इसकी वजह से तीसरी पंक्ति की सीट पर असर नहीं पड़ता है।

निसान का कहना है कि 7-सीटर क्षमता को बरकरार रखते हुए CNG का विकल्प देना इस एमपीवी की सबसे बड़ी खास पहचान है। यह किट Motozen द्वारा विकसित और निर्मित की गई है और इसे ICAT से सुरक्षा व विश्वसनीयता की मंजूरी भी मिली है। इसमें BS6.2 मानकों के अनुरूप Sequential सिस्टम, मजबूत सिलेंडर (8.1 mm मोटाई) और इंजन के लिए खास तौर पर ऑप्टिमाइज्ड Dynamic Advancer टेक्नोलॉजी दी गई है।

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फ्यूल भरने का पॉइंट मौजूदा फ्यूल लिड के अंदर ही दिया गया है, जिससे यह फैक्ट्री-फिट जैसा साफ-सुथरा दिखता है और पेट्रोल से CNG में स्विच करना भी आसान और स्मूद बताया गया है। इस किट पर 3 साल या 1 लाख किलोमीटर की थर्ड-पार्टी वारंटी भी मिलती है।

Gravite CNG उन परिवारों के लिए है जो रोज़ ज़्यादा सफर करते हैं। जिनमें ऑफिस जाना, बच्चों को स्कूल छोड़ना या बाहर घूमने जाना और साथ ही कम खर्च में अच्छा माइलेज भी चाहते हैं। CNG वाले शहरों में पेट्रोल के मुकाबले प्रति किलोमीटर खर्च काफी कम हो सकता है, जिससे 82,999 रुपये की लागत भी कुछ समय में आसानी से निकल सकती है। Gravite कुछ महीने पहले ही बाजार में आई थी और तब से यह कंपनी की बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।

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निसान के अधिकारी थियरी सब्बाग ने कहा कि “नई Gravite में CNG विकल्प जोड़ना एक बड़ा और अहम कदम है। Gravite CNG के जरिए कंपनी ऐसे ग्राहकों को एक बेहतर और काम की कार देना चाहती है, जिन्हें परिवार के लिए ज्यादा जगह, रोज़मर्रा में आसानी और कम खर्च में चलने वाली गाड़ी चाहिए, खासकर उन शहरों में जहाँ CNG ज्यादा इस्तेमाल होती है।”