Maruti Suzuki की आने वाली नई मिडसाइज एसयूवी अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ ब्रांड की पहली कार होगी
मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा सीएनजी कार की बिक्री करती है। सीएनजी गाड़ियां लोग ज्यादा माइलेज के लिए खरीदते हैं, लेकिन इनमें दो दिक्कतें भी हैं। एक तो यह कम पावर देती है और दूसरा, सीएनजी टैंक के कारण बूटस्पेस में कमी आ जाती है। इस समस्या का हल निकालते हुए टाटा मोटर्स डुअल सिलेंडर टेक्नॉलजी लाई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया है।
इसमें बराबर क्षमता वाले दो सिलेंडर साथ-साथ लगाए जाते हैं, ताकि बूट में ज्यादा जगह न घिरे। टाटा के बाद हुंडई ने भी अपनी सीएनजी कारों में यही तरीका अपनाया। अब लग रहा है कि देश की सबसे बड़ी सीएनजी कार कंपनी मारुति सुजुकी इस समस्या को हल करने के लिए कुछ अलग तरीका अपनाएगी।
मारुति सुजुकी ने पिछले वित्त वर्ष में 6.2 लाख से ज़्यादा सीएनजी वाहन बेचे, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह इंडो-जापानी कंपनी 2024 के अंत तक 71 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ सीएनजी सेगमेंट में महत्वपूर्ण बढ़त बनाए हुए है। मारुति सुजुकी भारत में सीएनजी वाहनों की सबसे विस्तृत श्रृंखला पेश करती है, इसलिए इसके विशाल पोर्टफोलियो का लाभ उसे मिलता है।

ब्रांड अगले महीने की शुरुआत में एक नई मिडसाइज़ एसयूवी लॉन्च करने की योजना बना रहा है और इसमें माइल्ड हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और सीएनजी विकल्प शामिल होंगे। यह बॉडीवर्क के नीचे सीएनजी टैंक वाला पहला मॉडल होगा। इससे ट्रंक में ज़्यादा जगह मिलेगी और कथित तौर पर यह मारुति सुजुकी की फ़ैक्टरी-फिटेड एस-सीएनजी लाइनअप का सबसे बड़ा अपडेट होगा।
मारुति सुजुकी अपनी नई मिडसाइज़ एसयूवी को एरिना डीलरशिप नेटवर्क के ज़रिए बेचेगी। यह 5-सीटर कार ग्रैंड विटारा से थोड़ी लंबी हो सकती है। इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, महिंद्रा स्कॉर्पियो एन, टोयोटा हाइराइडर, होंडा एलिवेट, फॉक्सवैगन ताइगुन, स्कोडा कुशाक जैसी कारों से होगा। टेस्टिंग प्रोटोटाइप को देखते हुए, यह एसयूवी ई-विटारा और ग्रैंड विटारा के डिज़ाइन से काफी प्रभावित होगी।
अपनी व्यावहारिकता के अलावा, यह SUV कई आधुनिक खूबियों और उन्नत फीचर्स से भी भरपूर होगी, जो इसे अपने सेगमेंट में और भी आकर्षक बनाएंगे। इसकी कीमत 12 लाख रुपये से शुरू होने की उम्मीद है।