ओला की गिरावट के बीच TVS और Bajaj ने पार किया 50 फीसदी EV मार्केट शेयर

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फरवरी 2026 में ओला इलेक्ट्रिक की कुल बिक्री 4,000 यूनिट्स से भी कम रही, जबकि बाजार हिस्सेदारी घटकर लगभग 3.5 प्रतिशत रह गई

फरवरी 2026 में ओला इलेक्ट्रिक के लिए बाजार काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में हिस्सेदारी घटकर लगभग 3.5 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल इसी समय डबल डिजिट में थी। फरवरी में इसकी कुल बिक्री 4,000 यूनिट्स से भी कम रही, जिसके चलते कभी सेगमेंट में दबदबा रखने वाली कंपनी टॉप-5 कंपनियों की सूची से बाहर हो गई।

गौर करने वाली बात है कि कुछ महीने पहले तक ओला इलेक्ट्रिक इस सेगमेंट में सबसे आगे थी। कंपनी ने हाल ही में “हाइपर सर्विस” पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य आफ्टर-सेल्स सेवाओं को बेहतर बनाना, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता बढ़ाना और तकनीशियनों की ट्रेनिंग तेज करना है। इस कदम के बाद कंपनी का कहना है कि सर्विस से जुड़े बचे हुए काम काफी हद तक कम हो गए हैं।

जहाँ ओला की बिक्री में गिरावट आई, वहीं पारंपरिक वाहन निर्माताओं ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो ने मिलकर फरवरी में कुल रजिस्ट्रेशन का करीब 51 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। यह पहली बार है जब दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही।

Ola S1 Pro+ (1)

टीवीएस ने iQube और Orbiter रेंज की बदौलत लगभग 31,000 यूनिट्स की बिक्री कर 28.3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ महीने में पहला स्थान हासिल किया। वहीं बजाज ऑटो ने 25,000 से ज्यादा यूनिट्स की घरेलू बिक्री करते हुए करीब 22.7 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी दर्ज की। चाकन स्थित इस कंपनी ने रेयर अर्थ मटेरियल से जुड़ी सप्लाई समस्याओं को भी काफी हद तक दूर कर लिया है और अब अपने चेतक पोर्टफोलियो का विस्तार करने की तैयारी में है।

फरवरी में कुल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन 1.1 लाख यूनिट्स से ज्यादा रहे, हालांकि यह जनवरी के 1.22 लाख यूनिट्स के मुकाबले लगभग 9 प्रतिशत कम थे। हालांकि साल भर की तुलना में इंडस्ट्री में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि लोग अब इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिलों को तेजी से अपना रहे हैं।

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अन्य कंपनियों में Ather Energy ने 20,000 से ज्यादा यूनिट्स बेचकर करीब 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखी। वहीं हीरो मोटोकॉर्प ने 12,000 से ज्यादा यूनिट्स बेचकर लगभग 11.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की। आने वाले महीनों में इस सेगमेंट में मुकाबला और कड़ा होने वाला है। अब देखना होगा कि ओला इलेक्ट्रिक अपनी स्थिति कैसे बेहतर करती है।