Toyota Innova Hycross ने एडल्ट सेफ्टी में 32 में से 30.47 अंक और बच्चों की सुरक्षा में 49 में से 45 अंक हासिल किए हैं
टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में फुल 5-स्टार रेटिंग मिली है। एडल्ट सेफ्टी में इसे 32 में से 30.47 अंक और बच्चों की सुरक्षा में 49 में से 45 अंक मिले हैं। यह गाड़ी दोनों मामलों में सुरक्षित मानी गई है। इन स्कोरों ने इनोवा हाईक्रॉस को भारत में टेस्ट की गई सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल कर दिया है।
इस गाड़ी को मजबूती देने वाला टोयोटा का TNGA-C प्लेटफॉर्म इन शानदार नतीजों के पीछे एक अहम वजह माना जा रहा है। इनोवा हाईक्रॉस को भारत NCAP में 5-स्टार रेटिंग मिली है, जो इसके सभी अहम हिस्सों में मिलने वाले सेफ्टी फीचर्स की वजह से संभव हो सका है। टेस्ट में पेट्रोल GX 8-सीटर, हाइब्रिड VX 8-सीटर और ZX 7-सीटर वेरिएंट शामिल थे।
सामने से टक्कर की स्थिति में ड्राइवर और सामने बैठने वाले यात्री को स्टैंडर्ड एयरबैग, सीटबेल्ट प्री-टेंशनर और लोड लिमिटर जैसे सेफ्टी फीचर्स का फायदा मिलता है। हालांकि, पीछे की सीटों के लिए सीटबेल्ट सपोर्ट नहीं है और knee एयरबैग भी नहीं दिए गए हैं। साइड से सुरक्षा के लिए तीनों रो तक कर्टन एयरबैग दिए गए हैं।

बच्चों की सुरक्षा के लिए पीछे की बाहरी सीटों पर ISOFIX माउंट्स दिए गए हैं, लेकिन इसमें न तो इंटीग्रेटेड चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम है और न ही सामने की सीट पर ISOFIX की सुविधा मिलती है। सामने वाली सीट के एयरबैग को मैन्युअली बंद करने का विकल्प दिया गया है। सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), AIS-100 मानकों के अनुसार पैदल यात्रियों की सुरक्षा और तीनों रो के लिए सीटबेल्ट रिमाइंडर शामिल हैं।
एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में इनोवा हाईक्रॉस ने फ्रंटल ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर टेस्ट में 14.47 अंक हासिल किए। इस टेस्ट में ड्राइवर और सामने बैठे यात्री को छाती की सुरक्षा के लिए पर्याप्त रेटिंग मिली, जबकि ड्राइवर के बाएं पैर (टिबिया) को भी पर्याप्त माना गया। शरीर के बाकी हिस्सों को अच्छी सुरक्षा मिली। साइड इम्पैक्ट टेस्ट में कार ने पूरे 16 में से 16 अंक हासिल किए और हर हिस्से के लिए अच्छी सुरक्षा दर्ज की गई। साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट में गाड़ी को ठीकठाक स्कोर मिला।

चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए इनोवा हाईक्रॉस ने डायनामिक टेस्ट में पूरे 24 अंक और CRS (चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम) इंस्टॉलेशन में पूरे 12 अंक हासिल किए। बाकी 9 अंक व्हीकल असेसमेंट सेक्शन से मिले। इस टेस्ट में 18 महीने और 3 साल के बच्चों के डमी का इस्तेमाल किया गया, जैसा कि प्रोटोकॉल में तय है।