टाटा Nexon और Punch ने वित्त वर्ष 2026 में 4 लाख की बिक्री का आंकड़ा पार किया है और सेगमेंट में 31 फीसदी मार्केट शेयर हासिल किया है
पिछले वित्त वर्ष में टाटा मोटर्स की बिक्री बढ़ाने में टाटा नेक्सन और पंच सबसे आगे रहे। कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में ये दोनों क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों को मिलाकर इनकी कुल बिक्री 4 लाख के आंकड़े को आसानी से पार कर गई और साल के अंत तक 4,00,034 यूनिट्स दर्ज हुईं। इससे इस सेगमेंट में करीब 31 फीसदी मार्केट शेयर हासिल हुआ।
सबसे बड़ा योगदान नेक्सन का रहा। वित्त वर्ष 2026 में इसकी 2,16,054 यूनिट्स बिकीं, जो पिछले साल की 1,63,088 यूनिट्स के मुकाबले काफी ज्यादा है। 32.5 फीसदी की शानदार बढ़त के साथ टाटा नेक्सन अकेले ही 16.7 फीसदी मार्केट शेयर के साथ सेगमेंट में टॉप पर पहुंच गई। वहीं पंच की वित्त वर्ष 2026 में 1,83,980 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो वित्त वर्ष 2025 की 1,96,572 यूनिट्स से 6.4 फीसदी कम हैं।
इसके बावजूद, यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में लगातार शामिल है और यह 14.3 फीसदी का मजबूत मार्केट शेयर बनाए हुए है। इस जोड़ी की सफलता की बड़ी वजह है कि दोनों एक ही सेगमेंट में होते हुए भी अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती हैं। Nexon पेट्रोल, डीज़ल और इलेक्ट्रिक तीनों विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच ज्यादा लोगों तक बनती है। वहीं पंच का फोकस आसान ड्राइविंग, कॉम्पैक्ट साइज और किफायती कीमत पर है।

टाटा Nexon को 2027 के आसपास बड़े अपडेट के साथ लाने की तैयारी है, जिसमें एक्सटीरियर डिजाइन और केबिन में बड़े बदलाव की उम्मीद है। दूसरी ओर, Tata Punch (ICE और इलेक्ट्रिक दोनों) को हाल ही में मिड-लाइफ अपडेट मिल चुका है, जिससे यह तेजी से बदलते सेगमेंट में प्रतिस्पर्धी बनी हुई है।
कीमत की बात करें तो ICE Nexon की कीमत लगभग 7.36 लाख रुपये से शुरू होकर 15.95 लाख रुपये तक जाती है। वहीं ICE Punch की कीमत 5.59 लाख रुपये से शुरू होकर टॉप वेरिएंट के लिए 10.60 लाख रुपये तक जाती है। नेक्सन इलेक्ट्रिक की कीमत 12.49 लाख से 17.49 लाख रुपये के बीच है, जबकि पंच इलेक्ट्रिक की कीमत 9.69 लाख से 12.59 लाख रुपये (सभी कीमतें एक्स-शोरूम) तक जाती है।

कुछ वेरिएंट्स में दोनों गाड़ियों की कीमत लगभग एक समान है, लेकिन असल में ये एक-दूसरे से काफी अलग हैं। वजन, अंदर की जगह, इस्तेमाल में आसानी, फीचर्स, टेक्नोलॉजी और आराम जैसे मामलों में साफ फर्क देखने को मिलता है। यही वजह है कि ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से इन दोनों में से सही विकल्प चुनते हैं।