टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विकसित करेगी 3 नए प्लेटफॉर्म

टाटा एक समर्पित स्केटबोर्ड ईवी आर्किटेक्चर सहित भविष्य में यात्री ईवी लाइनअप को लाने के लिए तीन प्लेटफार्मों का उपयोग करेगा

टाटा मोटर्स ने हाल ही में अपने इलेक्ट्रिक वाहन वर्टिकल को एक समर्पित डिवीजन टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (TPEML) में बदल दिया है। अब कंपनी बड़े निवेश के साथ तीन नए प्लेटफ़ॉर्म को तैयार करने की रणनीति बना रही ही, जिस पर अगले दशक तक कंपनी के अलग-अगल मॉडल विकसित किए जाएंगे। इन प्लेटफार्मों में एक कनवर्टेड आईसी (इंटरनल कंबस्टन) इंजन प्लेटफॉर्म, बीस्पोक ईवी प्लेटफॉर्म और एक स्केटबोर्ड शामिल है।

इन तीनों प्लेटफार्म को अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा, लेकिन इन पर कंपनी ने समानांतर रूप से कार्य करना शुरू कर दिया है। टाटा की ईवी रणनीति का पहला चरण नेक्सन ईवी के साथ टीपीईएमएल के गठन से काफी पहले शुरू हो गया था। इस तरह कंपनी नई ईवी विकसित करने के बजाय आईसी इंजन कार के प्योर इलेक्ट्रिक वर्जन को बाजार में आसानी से उतार सकी है।

ब्रांड वर्तमान में नेक्सन इलेक्ट्रिक और टिगोर इलेक्ट्रिक के सौजन्य से सबसे अधिक बिकने वाला इलेक्ट्रिक कार निर्माता है और दोनों X1 और X0 ICE प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं, जिन्हें बैटरी पैक और आवश्यक इंटर्नल के अनुरूप संशोधित किया गया है, और वही फॉर्मूला आगे भी जारी रहेगा।टाटा मोटर्स भविष्य के मॉडलों के लिए एक बीस्पोक इलेक्ट्रिक-ओनली ‘सिग्मा’ आर्किटेक्चर विकसित कर रहा है। सिग्मा प्लेटफॉर्म वास्तव में मौजूदा ALFA या X4 आर्किटेक्चर (इस आर्टिटेक्चर पर पारंपरिक रूप से संचालित अल्ट्रोज़ और पंच को रेखांकित किया गया है) पर आधारित है, लेकिन इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए इसे भारी रूप से संशोधित किया गया है।
tata-sierra-ev-conceptइसके तहत ट्रांसमिशन टनल को हटा दिया गया है और फ्यूल टैंक एरिया को संशोधित किया गया है। टाटा मोटर्स किसी भी समझौते से बचने के लिए बैटरी पैक के चारों ओर प्लेटफॉर्म को फिर से इंजीनियरिंग कर रही है। नतीजा सिग्मा-आधारित मॉडल के हल्के, ज्यादा ऊर्जा कुशल और आईसी इंजन रूपांतरण ईवी की तुलना में ज्यादा विशाल होने की संभावना है। इस पर सिएरा ईवी जैसे भविष्य के उत्पाद भी विकसित होंगे।

इसी तरह टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का तीसरा चरण स्केटबोर्ड पर बने उत्पाद होंगे, जो प्योर इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म है। सिग्मा प्लेटफॉर्म के विपरीत स्केटबोर्ड को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विकसित किया गया है। यह डिजाइनरों को सर्वोत्तम वजन और स्पेस प्राप्त करने की अनुमति देगा। इनका डिजाइन भी मौजूदा मॉडलों के मुकाबले अलग होगा।

हालाँकि स्केटबोर्ड पर आधारित टाटा की कारों को आने में समय लगेगा और यह तभी समझ में आएगा जब भारतीय इलेक्ट्रिक बाजार नए जेनरेशन वाले ईवी को स्वीकार करने के लिए पर्याप्त परिपक्व हो जाएगा। कंपनी पहले से ही ईवी में अपनी संभावनाएं तलाश रही है, जिसमें अपना खुद का आर्टिटेक्चर विकसित करना या स्वतंत्र रूप से आपूर्तिकर्ता द्वारा विकसित मौजूदा स्केटबोर्ड खरीदना शामिल हो सकता है।