
टाटा मोटर्स अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए 2026 में 3 नई इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च करने की योजना बना रही है
टाटा मोटर्स ने अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के अगले प्लान की आधिकारिक जानकारी दी है। इसके तहत कंपनी आने वाले वर्षों में कई नई इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च करेगी, साथ ही देशभर में चार्जिंग सुविधाओं को बढ़ाएगी और स्थानीय स्तर पर निर्माण से जुड़ी अहम पहल करेगी। यह ऐलान ऐसे समय में किया गया है जब टाटा ने सिर्फ 5 साल में 2.5 लाख से ज्यादा ईवी बेच ली हैं और नेक्सन ईवी भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है जिसकी 1 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री हो चुकी है।
सबसे पहला कदम टाटा साल 2026 में उठाएगी। कंपनी इस साल प्रोडक्शन-रेडी सिएरा ईवी लॉन्च करेगी और इसके साथ ही पंच ईवी का नया जनरेशन मॉडल भी पेश किया जाएगा। पेट्रोल-डीजल इंजन वाली सिएरा को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, इसी वजह से टाटा अब इसका इलेक्ट्रिक वर्जन लाने की तैयारी कर रही है। सिएरा ईवी दो बैटरी विकल्पों के साथ आएगी और एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देने में सक्षम होगी।
2026 के अंत तक टाटा अपनी अविन्या रेंज से भी पर्दा उठाएगी। यह प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों की एक नई फैमिली होगी, जो टाटा के ईवी पोर्टफोलियो में सबसे ऊपर पोजिशन की जाएगी। अविन्या को पहले कई बार कॉन्सेप्ट के रूप में दिखाया जा चुका है। दशक के अंत तक टाटा ने अपने ईवी लाइन-अप के बड़े विस्तार की पुष्टि भी की है।

FY2030 तक टाटा कम से कम पांच बिल्कुल नए इलेक्ट्रिक नेमप्लेट्स लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें सिएरा और अविन्या फैमिली शामिल होंगी। इसके अलावा मौजूदा मॉडलों में भी लगातार अपडेट, फेसलिफ्ट और नए फीचर्स जोड़े जाएंगे ताकि रेंज प्रतिस्पर्धी बनी रहे। वाहन लॉन्च के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी किया जाएगा।
टाटा का कहना है कि ग्राहकों की उम्मीदें तेजी से बदल रही हैं और अब भरोसेमंद परफॉर्मेंस के साथ-साथ अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग भी खरीद का अहम फैसला बन चुकी है। CY2027 तक कंपनी देशभर में करीब 4 लाख चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखती है, जिनमें 30,000 से ज्यादा पब्लिक फास्ट चार्जर होंगे। ये सभी टाटा ईवी ओपन कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के तहत विकसित किए जाएंगे।

2030 तक टाटा भारत में 10 लाख चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। सेकंड-हैंड ईवी ग्राहकों के लिए टाटा बैटरी हेल्थ चेक और बैटरी रिफर्बिशमेंट जैसी सुविधाएं शुरू करेगी। वहीं, उपयोग के बाद बैटरियों को एनर्जी स्टोरेज के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा ताकि सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिले। टाटा ने यह भी पुष्टि की है कि अगला बड़ा कदम स्थानीय स्तर पर हाई-वोल्टेज बैटरी सेल्स की सोर्सिंग होगा, जो गुजरात के साणंद में बन रही अग्राटास की गीगाफैक्ट्री से की जाएगी।