भारत में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर जल्द हो सकता है लॉन्च, जानें डिटेल

भारत में ओला इलेक्ट्रिक का मुकाबला बजाज चेतक, एथर 450X, टीवीएस आईक्यूब जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर से होगा और इसकी कीमतें काफी प्रतिस्पर्धी होंगी

यह कोई रहस्य नहीं है कि ओला भारत में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी जल्द ही भारतीय बाजार में अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर को उतार सकती है। दरअसल हाल ही में ओला के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ, भाविश अग्रवाल ने ट्विटर पर अपने फाॅलोअर्स से पूछा कि वे ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर पर ब्लैक के अलावा और कौन से रंग का विकल्प पसंद करेंगे। इस ट्वीट में उन्होंने इशारा कर दिया कि अब इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्च के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बता दें कि पब्लिक मोबिलीटी एग्रीगेटर ओला कैब्स की सहायक कंपनी ने पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की लाइन पेश करने की बात कही थी, जबकि पिछले साल मई 2020 में कंपनी ने Amsterdam स्थित इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी Etergo BV का अधिग्रहण किया था। इस तरह इस जोइंट वेंचर के के तहत विकसित होने वाला पहला उत्पाद ओला एटरगो एपस्कूटर हो सकता है।

ओला के इस आगामी इलेक्ट्रिक स्कूटर को कई बार रोड टेस्टिंग के दौरान देखा गया है, जिससे इसके बारे में काफी जानकारी प्राप्त हुई है। इसे एलईडी लाइट, डिजिटल डिस्प्ले, क्लाउड कनेक्टिविटी, रिमूवेबल लिथियम-आयन बैटरी, टेलीस्कोपिक फोर्क सस्पेंशन, अलॉय व्हील्स मिलेंगे। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस स्कूटर के बारे में सभी जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

यह इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार चार्ज होने 100 से लेकर 150 किमी तक की रेंज देगा, जबकि इसे पूरी तरह से चार्ज करने में 2.5 से 3 घंटे का समय लगेगा। कंपनी आने वाले कुछ महीनों में अपने तमिलनाडु के प्लांट में इस स्कूटर का उत्पादन शुरू कर देगी। माना जा रहा है कि शुरूआत में इस प्लांट में 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जो कि समय के साथ 10,000 हो जाएगा।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि ओला पहले से ही तमिलनाडु में दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बना रही है। कंपनी इस प्लांट के लिए 2,400 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। कंपनी का दावा है कि इस प्लांट में प्रत्येक 2 सेकंड में 1 इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रोडक्शन लाइन से बाहर आएगा। कंपनी शुरूआत मे हर साल 20 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

हालांकि प्लांट के पूरी तरह शुरू होने के बाद यहाँ हर साल 1 करोड़ वाहनों को बनाया जा सकेगा। इस प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हर दिन 25,000 बैटरियों को भी बनाने की योजना है और यहाँ बने हुए स्कूटर यूरोप, यूके, लैटिन अमेरिका, एशिया पैसिफिक, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में निर्यात किये जाएगें। कंपनी देश में ईवी के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है और हाल ही में हाइपरचार्ज नेटवर्क को विकसित करने की घोषणा की है।