नई जनरेशन किआ सेल्टोस अगले साल पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करेगी, उसके बाद इसे भारत में लॉन्च किया जाएगा
किआ भारतीय बाजार के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई जनरेशन किआ सेल्टोस की टेस्टिंग कर रही है। वहीं हाल ही में इसे एक बार फिर से देखा गया है, जिससे हमें आने वाले समय की एक झलक मिलती है। इसे पूरी तरह से नया डिज़ाइन दिया जाएगा, जिसमें आगे चलकर एक हाइब्रिड पावरट्रेन विकल्प मिलने की भी उम्मीद है। दूसरी पीढ़ी की किआ सेल्टोस संभवतः 2026 में किसी समय अपनी वैश्विक शुरुआत करेगी।
भारतीय सड़कों पर दिखे इस टेस्ट मॉडल में कई डिज़ाइन बदलाव नज़र आए हैं, जो ब्रांड के विदेशी एसयूवी मॉडल सोरेंटो से प्रेरित नए लुक की ओर इशारा करते हैं। इसमें एलईडी हेडलैम्प, बदले हुए एयर इनटेक के साथ नया ग्रिल डिज़ाइन, शार्प बॉडी लाइनें और खास वर्टीकल एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स शामिल हैं।
इसके अलावा इसमें नए अलॉय व्हील्स, त्रिकोणीय आकार का रियर क्वार्टर ग्लास, दोनों तरफ नए डिज़ाइन वाले बंपर और संशोधित टेललाइट ग्राफ़िक्स शामिल हैं। साथ ही इसमें नए एक्सटीरियर कलर भी लॉन्च किए जाएंगे। दूसरी पीढ़ी की सेल्टोस का साइज वही रहेगा, लेकिन इसके अंदरूनी हिस्से में बड़े बदलाव किए जाएँगे।

किआ द्वारा डैशबोर्ड और सेंटर कंसोल के लेआउट में बदलाव किए जाने की उम्मीद है, साथ ही प्रीमियम सामग्री और नए सरफेस ट्रीटमेंट का इस्तेमाल भी किया जाएगा। इस एसयूवी में एक्टिव सेफ्टी सिस्टम और ड्राइवर असिस्टेंस टेक्नोलॉजी के साथ-साथ ज़्यादा कनेक्टेड कार फीचर्स भी दिए जा सकते हैं। अफवाहें यह भी संकेत दे रही हैं कि किआ कुछ क्षेत्रों के लिए AWD हाइब्रिड वेरिएंट पर काम कर रही है।
कई वाहन निर्माता अब मिडसाइज़ SUV सेगमेंट में हाइब्रिड सिस्टम अपना रहे हैं, ऐसे में किआ का इस दिशा में कदम उठाना सही लगता है क्योंकि इससे माइलेज बढ़ेगी और उत्सर्जन में भी कमी आएगी। हालांकि, उम्मीद है कि किआ भारत जैसे बाज़ारों में आने वाली सेल्टोस के लिए कम से कम शुरुआत में 1.5 लीटर पेट्रोल, 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.5 लीटर डीज़ल इंजन को बरकरार रखेगी।

इसका बड़ा आकर्षण एक हाइब्रिड विकल्प की शुरुआत हो सकती है जिसमें बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर और 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल हो सकता है। अटकलों के मुताबिक इसमें सेल्फ-चार्जिंग सिस्टम दिया जा सकता है, जो शायद पहले से मौजूद ग्लोबल मॉडलों की तकनीक पर आधारित होगा। वर्तमान में दक्षिण कोरियाई कंपनी को भारत में सेल्टोस से पहले जैसी अच्छी मासिक बिक्री नहीं मिल रही है।