Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel देश की पहली ऐसी पैसेंजर कार बन गई है, जो E85 (85% इथेनॉल मिश्रित ईंधन) तक पर चलने में सक्षम है
भारतीय बाजार में फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर तेजी से काम हो रहा है। कल ही हीरो मोटोकॉर्प ने भारत में E85-फ्यूल कम्पैटिबल स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स को लॉन्च किया था। वहीं आज मारुति सुजुकी ने वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल का खुलासा किया है। इसके साथ ही यह किसी भारतीय कार निर्माता द्वारा पेश की गई पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार बन गई है।
वैगनआर भारत में मारुति सुजुकी की सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण कारों में से एक है। इसकी बड़ी लोकप्रियता को देखते हुए कंपनी ने नई वैकल्पिक ईंधन तकनीक को पेश करने के लिए इसे चुना है। इस फ्लेक्स-फ्यूल कार का अनावरण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में किया गया।
यह कदम सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत इथेनॉल मिले पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण के लिए बेहतर वाहन अपनाने को प्रोत्साहित करना है। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल E85 ईंधन के अनुरूप तैयार की गई है। E85 में पेट्रोल के साथ अधिकतम 85 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है।

इथेनॉल को गन्ने और मक्का जैसी कृषि फसलों से तैयार किया जाता है, इसलिए इसे पेट्रोल का एक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि कई वाहन निर्माता पहले भी फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप प्रदर्शित कर चुके हैं, लेकिन मारुति सुजुकी अब देश की पहली पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी बन गई है जिसने औपचारिक रूप से फ्लेक्स-फ्यूल कार पेश की है।
सामान्य पेट्रोल कार के मुकाबले, मारुति सुजुकी WagonR Flex Fuel में कई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बदलाव किए गए हैं, ताकि यह ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन पर भी आसानी से चल सके। इसके इंजन में अपग्रेडेड फ्यूल सिस्टम, इथेनॉल-अनुकूल पार्ट्स और नई इंजन ट्यूनिंग दी गई है। साथ ही, इसका इंजन मैनेजमेंट सिस्टम इस्तेमाल किए जा रहे इथेनॉल की मात्रा के अनुसार फ्यूल इंजेक्शन और दहन प्रक्रिया को अपने आप एडजस्ट करता रहता है।
वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में वैकल्पिक ईंधन तकनीकों को लेकर रुचि बढ़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि मारुति सुजुकी पहले भी नई तकनीकों के साथ लंबी अवधि की रणनीति अपनाती रही है।केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संकेत दिया है कि E85 ईंधन जल्द ही बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा और इसकी कीमत E20 पेट्रोल के मुकाबले काफी कम हो सकती है। वहीं, जिन क्षेत्रों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, वहां फ्लेक्स-फ्यूल वाहन इलेक्ट्रिक वाहनों के एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में देखे जा रहे हैं।