
Mahindra ने मई 2025 में 52,431 यूनिट की बिक्री की है, जो पिछले साल की समान अवधि में बेची गई 43,218 यूनिट की तुलना में सालाना आधार पर 21 फीसदी की बढ़ोतरी है
Mahindra ने मई 2025 में भारत में घरेलू और निर्यात के आंकड़ों को मिलाकर कुल 84,110 यूनिट की बिक्री दर्ज की है। यह संख्या एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 17 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। पिछले महीने 52,431 यूनिट की बिक्री हुई, जबकि मई 2024 में 43,218 यूनिट की बिक्री हुई थी।
इस तरह यह सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़त है। वहीं विदेशी डिलीवरी को शामिल करने पर कुल बिक्री 54,819 यूनिट हो जाती है। घरेलू स्तर पर कमर्शियल वाहनों की संख्या इस महीने 21,392 यूनिट की रही है। घरेलू ब्रांड की निर्यात गतिविधि में भी वृद्धि देखी गई है। महिंद्रा ने मई 2025 में 3,652 वाहन विदेश भेजे, जो पिछले साल इसी महीने में भेजे गए 2,671 यूनिट की तुलना में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत अधिक है।
अप्रैल और मई में कुल मिलाकर निर्यात 7,033 यूनिट तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 4,528 यूनिट था और इस तरह 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 26 के अप्रैल से मई तक कुल घरेलू यूवी बिक्री 1,04,761 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 84,226 यूनिट थी। इन आंकड़ों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो ग्राहकों के बीच कंपनी की कारों की लोकप्रियता को दर्शाता है।

महिंद्रा के हालिया लॉन्च को ग्राहकों ने खूब पसंद किया है, क्योंकि XEV 9e और BE 6 की इलेक्ट्रिक जोड़ी के साथ-साथ पांच दरवाजों वाली थार रॉक्स की भी काफी मांग है। स्कॉर्पियो और बोलेरो नेमप्लेट पिछले कई दशकों से लगातार बिक्री में बढ़ोतरी कर रहे हैं और स्कॉर्पियो एन और स्कॉर्पियो क्लासिक वाली नवीनतम स्कॉर्पियो सीरीज अक्सर हर महीने सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक है।
वहीं XUV 3XO को भी काफी खरीदार मिल रहे हैं क्योंकि बाजार में अपनी शुरुआत के बाद से इसकी औसतन हर महीने 9,000 से ज़्यादा यूनिट बिक रही है। महिंद्रा वर्तमान में XUV 3XO के इलेक्ट्रिक संस्करण का परीक्षण कर रही है, जबकि XUV.e8 कॉन्सेप्ट आधारित XEV 7e भी विकास के अधीन है और दोनों के निकट भविष्य में लॉन्च होने की उम्मीद है।

कंपनी ने XUV700 सहित अपनी मौजूदा रेंज के लिए अपडेट और नई पीढ़ी की योजना बनाई है, जबकि अगले 2-3 वर्षों में इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का भी काफी विस्तार किया जाएगा।