ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में हुंडई क्रेटा और आई20 को मिली 3-स्टार रेटिंग

भारतीय बाजार में बेहद ही लोकप्रिय मिड-साइज एसयूवी क्रेटा और प्रीमियम हैचबैक आई20 को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में 3 स्टार रेटिंग मिली है

हुंडई क्रेटा और आई20 अपने-अपने सेगमेंट में सबसे लोकप्रिय कारों में से एक हैं और इनके साथ कई दमदार फीचर्स पेश किए जाते हैं। ये दोनों कारें अपने-अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से भी एक हैं। अब इन दोनों कारों के ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट के परिणाम सामने आ चुके हैं। ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में हुंडई आई20 को एडल्ट सेफ्टी के लिए 3 अंक और हुंडई क्रेटा को भी 3 अंक मिले हैं। चूंकि सेल्टोस भी क्रेटा की तरह समान प्लेटफार्म पर आधारित है। इसलिए दोनों कारों का स्कोर बराबर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि सेल्टोस ने केवल दो अंकों का प्रबंधन किया था।

वहीं क्रेटा को चाइल्ड सेफ्टी के लिए 49 में से 28.29 अंक मिले हैं, जो तीन अंकों का प्रबंधन करती है। एजेंसी ने क्रेटा के बॉडी सेल्स को अस्थिर करार दिया है, जिससे आगे के यात्रियों के पैरों में चोट लगने की संभावना अधिक होती है। इसमें सभी यात्रियों के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज, 3-पॉइंट सीटबेल्ट और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे स्टैंडर्ड सुरक्षा उपकरणों की कमी है। इसी के कारण इसका स्कोर कम हो गया है।

हालाँकि इनमें से कुछ फीचर्स टॉप वेरिएंट में उपलब्ध है, लेकिन परीक्षण के लिए की गई कारें हमेशा एंट्री लेवल होती हैं। क्रेटा में भी स्टैंडर्ड के रूप में कोई साइड हेड प्रभाव सुरक्षा नहीं है। वहीं आई20 के भी बेस वेरिएंट का टेस्ट किया गया था, जिसमें डुअल एयरबैग और ABS था। इसने भी एक अस्थिर संरचना दिखाई है और चिंताजनक रूप से ड्राइवर साइड एयरबैग ड्राइवर के सिर और छाती की पूरी तरह से रक्षा करने में सक्षम नहीं हैं।

 

हालाँकि हुंडई i20 ने 36.89/49 अंकों के साथ चाइल्ड सेफ्टी के लिए क्रेटा के मुकाबले थोड़ा बेहतर स्कोर किया है और इसे 3 स्टार रेटिंग मिली है। हालाँकि यह रेटिंग तभी मान्य है जब बच्चे के लिए उपयुक्त सीटों का उपयोग किया जाता है। आई20 को ISOFIX एंकरेज मिलता है लेकिन आई20 में मध्य रियर पैसेंजर के लिए लैप बेल्ट है और थ्री-पॉइंट सीटबेल्ट स्टैंडर्ड नहीं हैं। इसमें स्टैंडर्ड के रूप में ESC या साइड हेड इफेक्ट प्रोटेक्शन भी नहीं है।

इस बारे में ग्लोबल NCAP के महासचिव Alejandro Furas ने कहा कि हालाँकि इन मॉडलों की ओवरआल स्टार रेटिंग उचित लग सकती है, लेकिन हुंडई जैसे निर्माताओं द्वारा कारों में ईएससी और साइड बॉडी और हेड प्रोटेक्शन एयरबैग को भारत में बुनियादी आवश्यकता के रूप में लैस न करना निराशाजनक है। ग्लोबल NCAP ने यात्री कारों में साइड इफेक्ट सुरक्षा आवश्यकताओं को बढ़ाने की भारत सरकार की योजना का स्वागत किया है।

ग्लोबल NCAP से भारत के लिए सुरक्षित कारों के परीक्षण प्रोटोकॉल को जुलाई 2022 से अपडेट किया जाएगा, जिसमें साइड-इफेक्ट, ईएससी और पैदल यात्री सुरक्षा शामिल है। ग्लोबल NCAP का वर्तमान प्रोटोकॉल केवल यात्रियों के लिए फ्रंटल क्रैश सुरक्षा का परीक्षण करता है। टेस्ट प्रोटोकॉल के और सख्त होने का मतलब यह होगा कि मेड इन इंडिया कारों के लिए प्रतिष्ठित 5 स्टार रेटिंग हासिल करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

भारत में अभी तक सिर्फ महिंद्रा और टाटा मोटर्स ही सबसे ज्यादा रेटिंग पाने में कामयाब रही हैं, जबकि भारत में महत्वपूर्ण आधार वाले अधिकांश वैश्विक निर्माताओं ने केवल 4-स्टार रेटिंग को सर्वश्रेष्ठ रूप से प्रबंधित किया है, लेकिन हुंडई अभी तक इसमें से भी कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई है। कंपनी की क्रेटा और आई20 ही ऐसी कारें हैं, जिसने अब तक भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।