Valeo के साथ साझेदारी करके हीरो मोटोकॉर्प अपने दोपहिया वाहनों के लिए एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (ARAS) विकसित करेगी
भारत की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प अपने टू-व्हीलर मॉडल्स में सुरक्षा के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (ARAS) के विकास के लिए ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी Valeo के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस साझेदारी के तहत हीरो मोटोकॉर्प अपने एंट्री-लेवल से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक के दोपहिया वाहनों में, साथ ही VIDA ब्रांड के तहत आने वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में भी आधुनिक सेफ्टी टेक्नोलॉजी पेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य उन्नत तकनीक के जरिए राइडर की सुरक्षा बढ़ाना और राइडिंग अनुभव को बेहतर बनाना है।
ARAS सिस्टम में Valeo की रडार और स्मार्ट कैमरा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और राइडर के साथ-साथ पैदल यात्रियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कंपनी के अनुसार, इस साझेदारी के तहत एक सफल प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट सिस्टम पहले ही विकसित किया जा चुका है।

यह ARAS तकनीक मूल रूप से कारों में मिलने वाले ADAS (Advanced Driver Assistance System) जैसी होगी। जिस तरह चारपहिया वाहनों में ADAS आम होता जा रहा है, उसी तरह ARAS दोपहिया सेगमेंट में सेफ्टी के मामले में एक बड़ा कदम साबित होगा। ARAS सिस्टम को राइडर के लिए एक डिजिटल को-पायलट की तरह डिजाइन किया गया है, जो वाहन के चारों ओर 360-डिग्री सेफ्टी कवरेज प्रदान करेगा।
रियल-टाइम सेंसिंग और स्मार्ट अलर्ट्स के जरिए यह ICE और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के टू-व्हीलर्स पर काम करेगा। इस सिस्टम के प्रमुख फीचर्स में फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग (FCW), लेन चेंज असिस्ट (LCA), डिस्टेंस वार्निंग (DW), ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन (BSD) और रियर कोलिजन वार्निंग (RCW) शामिल हैं। हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से यह पैदल यात्रियों की पहचान, लेन डिटेक्शन, ट्रैफिक साइन रिकग्निशन और लेन डिपार्चर वार्निंग जैसी सुविधाएं भी देगा।

कम रोशनी में भी सड़क संकेतों और बाधाओं की पहचान करने में सक्षम यह तकनीक दोपहिया राइडर्स के लिए एक मजबूत सेफ्टी नेटवर्क का काम करेगी। ARAS टेक्नोलॉजी के जरिए हीरो मोटोकॉर्प का लक्ष्य टू-व्हीलर सेफ्टी को हर किसी के लिए सुलभ बनाना और भारत समेत वैश्विक बाजारों में राइडर सुरक्षा के नए मानक स्थापित करना है।