Ford भारत में जून 2026 से शुरू करेगा उत्पादन – Endeavour की होगी वापसी?

Ford जून 2026 से चेन्नई के मरइमलई नगर में स्थित अपनी फैक्ट्री में फिर से उत्पादन शुरू करने जा रही है

फोर्ड के भारतीय बाजार में EcoSport और Endeavour जैसे मॉडल काफी लोकप्रिय रहे हैं, हालांकि सितंबर 2021 में कंपनी ने बढ़ते घाटे के चलते भारत में कारों का उत्पादन और बिक्री बंद करने का ऐलान किया था। इसके साथ ही EcoSport, Endeavour और Figo जैसे लोकप्रिय मॉडल्स का उत्पादन भी बंद हो गया था।

हालांकि, कंपनी ने तब यह साफ कहा था कि भारत उसके वैश्विक कारोबार और इंजीनियरिंग योजनाओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। अब खबर है कि कंपनी इस साल के मध्य तक तमिलनाडु के मरइमलई नगर में स्थित अपने चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को दोबारा शुरू करने जा रही है। यह वही फैक्ट्री है, जो 2021 में फोर्ड के भारत से बाहर निकलने के बाद से बंद पड़ी थी।

हालांकि, इस बार फोर्ड की वापसी का मकसद भारतीय बाजार में कारों की बिक्री नहीं होगी। इसके बजाय, इस प्लांट का इस्तेमाल अब अगली पीढ़ी के इंजन (Next-Gen Engines) बनाने के लिए किया जाएगा, जो खास तौर पर एक्सपोर्ट मार्केट्स के लिए होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में Everest SUV (जो भारत में Endeavour के नाम से जानी जाती है) जैसे कुछ मॉडल्स को भी यहीं से एक्सपोर्ट किया जा सकता है।

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इस फैसले से पहले फोर्ड ने तमिलनाडु सरकार के साथ एक समझौता किया है। यह समझौता सितंबर 2024 में दिए गए इरादे के पत्र (Letter of Intent) के लगभग एक साल बाद पूरा हुआ है। अब कंपनी चेन्नई प्लांट को आधुनिक इंजन और पावर सिस्टम बनाने के लिए अपग्रेड करने की तैयारी कर रही है। जब यह प्लांट पूरी तरह से चालू हो जाएगा, तो इसकी सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 2.35 लाख इंजनों की होगी।

फोर्ड इस प्रोजेक्ट में शुरुआती तौर पर करीब 3,250 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। इस निवेश से करीब 600 नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम को बड़ा फायदा मिलेगा।गौर करने वाली बात यह है कि भारत में कार बिक्री बंद करने के बावजूद फोर्ड ने देश में अपनी मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं की है।

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कंपनी गुजरात के सानंद प्लांट से पावरट्रेन एक्सपोर्ट करती रही है, जो फिलहाल टाटा मोटर्स से लीज पर लिया गया है। भले ही फोर्ड की भारतीय बाजार में कारों की बिक्री की वापसी निकट भविष्य में संभव न लगे, लेकिन चेन्नई प्लांट का दोबारा शुरू होना यह साबित करता है कि भारत फोर्ड के लिए एक अहम एक्सपोर्ट और इंजीनियरिंग हब बना रहेगा।