Exicom ने हैदराबाद प्लांट को बनाने में करीब 216 करोड़ रुपये का निवेश किया है, यह प्लांट लगभग 18.4 एकड़ में फैला हुआ है और इसका कुल बना हुआ क्षेत्र करीब 6.43 एकड़ (लगभग) है
Exicom Tele-Systems Limited ने हैदराबाद में अपना नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया है। यह कंपनी भारत में EV चार्जिंग और क्रिटिकल पावर सॉल्यूशंस देने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में टेलीकॉम और इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर के कई विशेषज्ञ और उद्योग से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस नए प्लांट के शुरू होने से कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उत्पादों का उत्पादन भी ज्यादा किया जा सकेगा।
कंपनी ने इस नए और आधुनिक प्लांट को बनाने में करीब 216 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह प्लांट लगभग 18.4 एकड़ जमीन में फैला हुआ है और इसका कुल बना हुआ क्षेत्र करीब 6.43 एकड़ है। इस प्लांट के शुरू होने से पहले चरण में ही कंपनी की उत्पादन क्षमता करीब 2.5 गुना तक बढ़ जाएगी। साथ ही इस प्रोजेक्ट से इलाके में 750 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
यह नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तेजी से बढ़ती EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम और क्रिटिकल पावर सॉल्यूशंस की मांग को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इन तकनीकों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, टेलीकॉम नेटवर्क, डेटा सेंटर और अन्य ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है, जहाँ लगातार और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है।

यह प्लांट Industry 4.0 तकनीक पर आधारित है, जिसमें एडवांस ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यहां ISO-8 क्लीनरूम सुविधा और हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम मौजूद हैं, जिससे पावर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उत्पादों को बड़े पैमाने पर सटीक तरीके से तैयार किया जा सके। इसके अलावा यहाँ खास टेस्टिंग सुविधाएं भी बनाई गई हैं, जहाँ उत्पादों को वास्तविक परिस्थितियों में जांचा जा सकेगा।
कंपनी की योजना यहाँ भारत का पहला EV चार्जर इंटरऑपरेबिलिटी टेस्टिंग सेंटर बनाने की भी है। इसका मकसद अलग-अलग इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ EV चार्जर्स की बेहतर संगतता सुनिश्चित करना है। इसके अलावा यह प्लांट Tritium के TRI-FLEX लिक्विड-कूल्ड पावर मॉड्यूल्स के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह प्लांट कई अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसे IATF 16949, ISO 9001:2015, ISO 14001:2015 और ISO 45001:2018 से प्रमाणित है। इससे पता चलता है कि कंपनी उच्च गुणवत्ता और विश्व-स्तरीय मैन्युफैक्चरिंग मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कंपनी के CEO और MD Anant Nahata ने कहा कि “यह नया प्लांट अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत ऑटोमेशन और कड़े गुणवत्ता परीक्षण को एक साथ लाता है। इससे कंपनी को तेजी से नए इनोवेशन करने और बड़े स्तर पर उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही इस प्लांट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।”
इस परिसर में 40 प्रतिशत हरियाली वाला हिस्सा, 1 मेगावाट का रूफटॉप सोलर प्लांट, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं। इस प्लांट को IGBC ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। कुल मिलाकर, हैदराबाद में बना यह नया प्लांट भारत में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।