FY26 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दोगुनी, दोपहिया EV ने भी पकड़ी रफ्तार

वाहन पोर्टल के अनुसार, FY26 में इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन बढ़कर 1,93,633 यूनिट्स हो गए, जो पिछले साल के 1,01,205 यूनिट्स के मुकाबले काफी ज्यादा है

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार बिक्री दर्ज की है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अब EV इकोसिस्टम पहले से काफी बेहतर हो गया है। प्रमुख क्षेत्रों में चार्जिंग नेटवर्क अब बड़ी समस्या नहीं रहा है और फाइनेंसिंग भी काफी आसान हो गई है। इसके अलावा, अब ग्राहकों के पास अलग-अलग सेगमेंट में बेहतर फीचर्स वाली गाड़ियों के ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

इसके साथ ही बैटरी की लागत कम होना और लोकलाइजेशन बढ़ने से EV पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती हो गए हैं। वैश्विक कारणों का भी असर पड़ा है। ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के चलते कई ग्राहक अब इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा स्थिर विकल्प मानने लगे हैं।

वाहन पोर्टल के अनुसार, FY26 में इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन बढ़कर 1,93,633 यूनिट्स हो गए, जो पिछले साल के 1,01,205 यूनिट्स के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं दोपहिया EV सेगमेंट, जो पहले से ही सबसे बड़ा हिस्सा रखता है, उसमें भी लगातार वृद्धि देखी गई। FY26 में इनकी रजिस्ट्रेशन करीब 14 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई।

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Pic Source: Jeevan Tergaonkar

यह आंकड़ा पिछले साल के 11.5 लाख और FY24 के एक मिलियन से कम यूनिट्स से ज्यादा है। खास बात यह रही कि साल के अंत में बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला है। फरवरी में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 14,177 यूनिट्स थी, जो मार्च में बढ़कर 21,716 यूनिट्स हो गई। वहीं, दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई, जो फरवरी के 1,08,357 यूनिट्स से बढ़कर मार्च में 1,84,300 यूनिट्स तक पहुंच गई।

साल के अंत में खरीदारी का ट्रेंड, डीलर स्तर पर मिलने वाले ऑफर्स और ज्यादा डिस्पैच ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई। हालांकि सब्सिडी धीरे-धीरे कम हो रही है, फिर भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेगमेंट अब स्थिर ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है। इसका मार्केट शेयर करीब 9 फीसदी तक पहुंच गया है, जो पिछले साल लगभग 6.3 फीसदी था।

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आने वाले समय में अलग-अलग कीमतों में नए मॉडल लॉन्च होने से इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया सेगमेंट में और तेजी आने की उम्मीद है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते ग्राहकों को बेहतर कीमत, नई टेक्नोलॉजी, ज्यादा रेंज और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिलेगा।