Delhi EV Policy के तहत इलेक्ट्रिक कार और बाइक की खरीद पर मिलेगी छूट

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की घोषणा की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में छूट दी जाएगी

भारत सरकार साल 2030 तक भारत की सड़कों पर डीजल-पेट्रोल से चल रहे वाहनों को बंद करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इस मिशन को सफल बनाने के लिए राज्य सरकारें भी केन्द्र सरकार के साथ कदमताल करती नजर आ रही हैं। दरअसल हाल ही में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (Electric Vehicle Policy in Delhi ) की घोषणा की है।

ऐसे में अगर आप दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के बजाए इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह आपके लिए फायदे की खबर हो सकती है। दरअसल दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मेगा स्कीम लेकर आई है, जिसके तहत सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर बड़ी छूट देने का मन बनाया है।

इस स्कीम की घोषणा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण को रोकना और सुस्त चल रही अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना है। इसके तहत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर छूट देगी, जिसमें सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।

Ather Electric Scooter

इस नई पॉलिसी के तहत सरकार इंसेटिव के रूप में बाइक की खरीद पर 30,000 रूपए, कार की खरीद पर 1.5 लाख रूपए, ऑटो रिक्शा की खरीद पर 30,000 रूपए, ई-रिक्शा की खरीद पर 30,000 और मालवाहक वाहनों पर 30,000 रूपए तक की छूट देगी। अभी के लिए, दिल्ली ईवी नीति 25 किमी/घंटा तक की गति के साथ लिथियम बैटरी ई-स्कूटर पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छूट केंद्र से मिलने वाली छूट के अलावा होगी। इसके अलावा स्कीम में स्क्रैपिंग इनसेंटिव भी दिया जायेगा। दिल्ली सरकार ने हर तीन किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए बोर्ड और डेडिकेटेड सेल भी बनाया है।

केजरीवाल ने कहा कि हमें इस नीति के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में पांच लाख नए इलेक्ट्रिक वाहनों के सड़क पर उतरने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ लागू करने के लिए ईवी प्रकोष्ठ और प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन बोर्ड का भी गठन करेगी, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत स्क्रैपिंग इंसेंटिव एक साल में 200 चार्जिंग पॉइंट बनाएगी।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल खरीदने के लिए सरकार लोन पर ब्याज में छूट भी देगी और सभी नए इलेक्ट्रिक वाहन पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में भी छूट दी जाएगी। सरकार ने कहा है कि चूंकि यह नई टेक्नोलॉजी है इसलिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि उनको इसमें नौकरियां मिल सके। इसके लिए स्टेट इलेक्ट्रिक व्हीकल फंड बनाया जा रहा है और सभी खर्चे इस फंड से होंगे।