कॉम्पैक्ट SUV क्रैश टेस्ट रेटिंग – Nexon, Venue से Ecosport तक

यहाँ भारत में वर्तमान में बिक्री के लिए उपलब्ध सभी सब-4-मीटर एसयूवी की ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्टिंग में मिले स्कोर के बारे में बताया जा रहा है

सब-4-मीटर एसयूवी भारत में बेहद लोकप्रिय है और इस विशेष सेगमेंट में भारत में निर्मित कई सबसे सुरक्षित कारें हैं। सेफ्टी के अलावा इन कारों में बिना किसी ज्यादा खर्च के शानदार इंटरनल स्पेस और फीचर्स भी दिए जा रहे हैं। आज के खरीदारों के बीच बढ़ती कार सुरक्षा के बारे में जागरूकता के साथ, वाहनों की सेफ्टी रेटिंग चर्चा का विषय बन गया है। इसलिए यहाँ भारत में उपलब्ध सभी कॉम्पैक्ट एसयूवी और उनकी NCAP सेफ्टी रेटिंग (यदि उपलब्ध है) के बारे में बताय़ा जा रहा हैः

1. महिंद्रा एक्सयूवी300 (Mahindra XUV300)

Mahindra xuv 300 crash

महिंद्रा XUV300 भारत में निर्मित होने वाली सबसे सुरक्षित वाहन है, जिसमें एडल्ट के लिए शानदार 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग और चाइल्ड के लिए 4-स्टार सुरक्षा रेटिंग है। कंपनी अपनी इस कार को सेगमेंट में 7 एयरबैग के साथ पेश करती है, जो कि पहली कार है। इस कार के पास सबसे शानदार सुरक्षा विशेषता है।

2. टाटा नेक्सन (Tata Nexon)

tata nexon crash test

टाटा नेक्सन को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट के लिए 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जबकि चाइल्ड के लिए 3-स्टार रेटिंग मिला है। हाल ही में, टाटा मोटर्स ने अपनी सभी कारों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, और यहाँ तक ​​कि एंट्री-स्तरीय वाहनों जैसे कि टियागो और टिगोर को भी 4-स्टार सुरक्षा रेटिंग मिली है।

3. मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा (Maruti Suzuki Vitara Brezza)

Maruti-suzuki-vitara-brezza-global-ncap-4-stars

मारुति ब्रेज़ा को पहली बार 2016 में भारतीय बाजार में पेश किया गया था और पावरट्रेन में परिवर्तन के अलावा कोई खास अपग्रेड नहीं किया गया है। कंपनी के पोर्टपोलियो में विटारा ब्रेज़ा ही एकमात्र वाहन है जिसने ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट के लिए 4-स्टार और चाइल्ड में 2-स्टार रेटिंग प्राप्त की है।

4. टोयोटा अर्बन क्रूजर (Toyota Urban Cruiser)

टोयोटा किर्लोस्कर ने हाल ही में इंडियन मार्केट में अर्बन क्रूज़र को लॉन्च किया है, जो मारुति ब्रेजा का रीबैज वर्जन है। दोनो वाहनों में एक ही बॉडी पैनल है। यहाँ तक ​​कि ऑन-बोर्ड सुरक्षा सुविधाएँ भी समान हैं। ऐसे में क्रूजर के लिए वही सेफ्टी रेटिंग लागू होगा चाहिए जो ब्रेज़ा में है।

5. फोर्ड इकोस्पोर्ट (Ford EcoSport)

इंडियन स्पेक Ford EcoSport को अभी तक ग्लोबल NCAP द्वारा क्रैश-टेस्ट नहीं किया गया है, इसलिए इसकी सुरक्षा रेटिंग फिलहाल उपलब्ध नहीं है। हालांकि यूरो NCAP ने 2013 में वाहन का परीक्षण किया था और इसकी सेफ्टी स्कोर अभी भी मान्य है। यूरो-स्पेक मॉडल को 4-स्टार सुरक्षा रेटिंग बनाने में कामयाब रहा, जबकि 2018 में, NHTSA (राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन, संयुक्त राज्य अमेरिका) ने वाहन को 4-स्टार रेटिंग दी है। हालांकि अपने अंतिम निर्णय को तब तक सुरक्षित रखेंगे जब तक कि भारतीय मॉडल का परीक्षण नहीं हो जाता।

6. हुंडई वेन्यू (Hyundai Venue)

हुंडई वेन्यू के इंडियन स्पेक मॉडल का अभी तक टेस्ट नहीं हुआ है, लेकिन इसके यूएस-स्पेक एडिशन को शानदार सुरक्षा स्कोर प्राप्त हुए हैं। इसे IIHS (इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाइवे सेफ्टी, यूएसए) द्वारा “टॉप सेफ्टी पिक” टाइटल से सम्मानित किया गया है। हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया-स्पेक मॉडल ने एडल्ट के साथ-साथ ANCAP में चाइल्ड के लिए 4-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त की है। हमें यह जानने के लिए ग्लोबल NCAP के क्रैश टेस्ट परिणामों का इंतजार करना होगा।

Sub-4-Metre SUV Safety Rating
ModelAdult Occupant Safety RatingChild Occupant Safety Rating
Mahindra XUV3005 stars4 stars
Tata Nexon5 stars3 stars
Maruti Brezza4 stars2 stars
Toyota Urban Cruiser4 stars*2 stars*
Ford EcoSport4 stars (Euro NCAP rating)
Hyundai Venue4 stars (Australian NCAP rating)
Kia SonetTo Be Tested–
Honda WR-VTo Be Tested–

7. किआ सोनेट (Kia Sonet)

किआ सोनेट एक नया उत्पाद है, जिसे महज कुछ महीने पहले पेश किया गया था। इसलिए इसका अभी तक कोई टेस्ट नहीं किया गया है। हुंडई वेन्यू और किआ सोनेट को एक ही प्लेटफार्म पर विकसित किया गया है और दोनों में कई समान सुविधाएं भी पेश की जाती है। इसलिए दोनों वाहनों को स्कोर समान होना चाहिए।

8. होंडा डब्ल्यूआर-वी (Honda WR-V)

Honda WR-V को 2017 में भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया था, लेकिन अभी तक किसी भी सुरक्षा संगठन द्वारा वाहन का क्रैश-टेस्ट नहीं किया गया है। यह तीसरी पीढ़ी की होंडा फिट हैचबैक (या जैज़) पर आधारित है, जिसे इंटरनेशनल स्पेक मॉडल के लिए अच्छी सेफ्टी रेटिंग प्राप्त हुई है, हालांकि दिलचस्प बात यह है कि इंडियन स्पेक मॉडल की टेस्टिंग अभी नहीं किया गया है।