जुलाई में 730 यूनिट की बिक्री के साथ चेतक ने भले ही टीवीएस आईक्यूब को पछाड़ दिया है, लेकिन आईक्यूब पिछले 7 महीनों में बेची गई कुल 1,715 यूनिट के साथ चेतक से आगे है
भारत में अभी इलेक्ट्रिक वाहन अपने प्राथमिक अवस्था में है, लेकिन देश में लगातार बढ़ रही डीजल-पेट्रोल की कीमतों ने लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। इसलिए हाल ही में दिनों में न केवल पहले की तुलना में इस सेगमेंट की बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है, बल्कि इस बीच ओला इलेक्ट्रिक और सिंपल वन जैसे दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियां अपने दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ इस सेगमेंट में प्रवेश किया है।
हालांकि पिछले महीने यानि जुलाई 2021 की बात करें तो इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में बजाज चेतक और आईक्यूब दो ही प्रमुख मॉडल रहे और दोनों ने अपनी बिक्री के अच्छे आकड़े दर्ज किए हैं। बजाज चेतक की जुलाई 2021 में 730 यूनिट की बिक्री की गई है, जो कि पिछले साल की इसी अवधि यानि जुलाई 2020 में बेची गई 31 यूनिट के मुकाबले सालाना आधार पर 2254 फीसदी की भारी भरकम वृद्धि है।
बजाज चेतक ने मासिक बिक्री के आधार पर भी 60.50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है, क्योंकि जून 2021 में चेतक की 452 यूनिट की बिक्री हुई थी। इस तरह चेतक ने अपनी बिक्री में मासिक और सालाना दोनों आधार पर वृद्धि दर्ज की है और स्पष्ट है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच इस इलेक्ट्रिक स्कूटर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

बजाज चेतक की प्रमुख प्रतिद्वंदी टीवीएस आईक्यूब ने भी अपनी बिक्री के बेहतर आकड़े दर्ज किए हैं। टीवीएस मोटर कंपनी ने जुलाई 2021 में आईक्यूब की 540 यूनिट की बिक्री दर्ज की है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह संख्या केवल 23 यूनिट थी। इस तरह आईक्यूब ने भी चेतक की तरह अपनी बिक्री में 2247 फीसदी की भारी भरकम वृद्धि दर्ज की है। हालांकि मासिक आधार पर आईक्यूब ने थोड़ी गिरावट दर्ज की है।
दरअसल जून 2021 में आईक्यूब की 639 यूनिट की बिक्री हुई थी, जो कि मासिक आधार पर 15.49 फीसदी की मामूली गिरावट है। हालांकि जनवरी 2021 से लेकर जुलाई 2021 तक की ओवरआल बिक्री की बात करें तो चेतक जुलाई में भले आईक्यूब से आगे रही, लेकिन आईक्यूब बाजी मारने में सफल रहा है। पिछले सात महीनों में आईक्यूब की कुल बिक्री जहां 1,715 यूनिट की रही, वहीं बजाज ने चेतक की 1,261 यूनिट बेची है।

देखा जाए तो इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में वृद्धि कारण फ्यूल की बढ़ती कीमतों के अलावा केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा इनकी खरीद पर दी जा रही छूट भी है, जो कि कंपनी की वास्तविक एक्स-शोरूम कीमत से कम पड़ती है। केन्द्र ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन के लिए अपने फेम-2 पॉलिसी में बदलाव किया है, वहीं राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र जैसी कुछ राज्य सरकारें संबंधित राज्य में ईवी पॉलिसी लागू की है।
हालांकि अभी ईवी की राह में सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग सुविधा के बुनियादी ढ़ाचें की कमी है, लेकिन कंपनियां और सरकार इस दिशा में भी कार्य कर रही है। जानकारों का आकलन है कि आने वाले दिनों में ईवी की बिक्री में और भी वृद्धि होगी। हाल ही में ओला इलेक्ट्रिक ने भारत में अपना पहला एस1 इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया है, तो वहीं सिंपल इनेर्जी ने भी सिंपल वन के साथ इस सेगमेंट में अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इसके अलावा हीरो, बजाज, सुजुकी, टीवीएस जैसे कई निर्माता भी इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेश करने की योजना पर कार्य कर रहे हैं।